हमारी अधूरी कहानी… ❤️🩹
Anonymous
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कभी-कभी कोई इंसान हमारी ज़िंदगी में सिर्फ़ कुछ महीनों के लिए आता है…
लेकिन उसकी यादें पूरी ज़िंदगी के लिए छोड़ जाता है।
एक लड़का था… ऑफिस में काम करता था।
वहीं एक लड़की आया करती थी।
शुरुआत में लड़के को बस उसकी बातें अच्छी लगती थीं।
फिर उसकी आदत हो गई…
और पता ही नहीं चला कि कब वो आदत मोहब्बत बन गई।
पहले प्यार सिर्फ़ उसकी तरफ़ से था।
लेकिन धीरे-धीरे लड़की की बातों में भी अपनापन आने लगा।
लड़के को लगा शायद… “उसे भी मुझसे प्यार होने लगा है।”
फिर दोनों बातें करने लगे।
कभी साथ खाना, कभी बाहर जाना…
छोटी-छोटी बातें लड़के के लिए बहुत बड़ी खुशियाँ बन गईं।
वो लड़का अपनी दुनिया में उसे सबसे ऊपर रखने लगा।
उसके लिए क्या करूँ, कैसे खुश रखूँ…
बस यही सोचता रहता था।
लेकिन उस ऑफिस में उसके दो भाई भी थे।
वो दोनों भाई उसका बहुत ध्यान रखते थे।
उन्हें पहले से ही शक था कि शायद दोनों के बीच कुछ चल रहा है।
एक दिन लड़का अपनी उस लड़की से chat कर रहा था।
वो उससे बस इतना पूछ रहा था कि “कुछ खाने का मन है? क्या मंगाऊँ?”
उसे क्या पता था…
उस पल उसका भाई पीछे खड़ा था।
भाई ने फोन देख लिया।
फिर फोन उसके हाथ से ले लिया गया।
और उसके बाद जो हुआ…
उस लड़के की खूब क्लास लगी।
डांट पड़ी।
समझाया गया।
और साफ़ कह दिया गया—
“इस लड़की से दूर रह।”
उस दिन लड़के को अपने भाइयों पर गुस्सा आया।
उसे लगा कि शायद कोई उसकी खुशी नहीं समझ रहा।
लेकिन उसने फिर भी उस लड़की को दिल से चाहना नहीं छोड़ा।
वक्त बीतता गया…
और धीरे-धीरे वही लड़की उससे दूर होने लगी।
बातें कम हो गईं।
मुलाकातें कम हो गईं।
और एक दिन…
वो लड़की उसे छोड़कर चली गई।
लड़का अकेला रह गया।
जिस इंसान के साथ उसने अपना आने वाला कल देखा था…
वही इंसान उसके आज में भी नहीं था।
सबसे दर्दनाक बात पता है क्या थी?
लड़की चली गई…
लेकिन लड़के का प्यार नहीं गया।
वो आज भी कभी-कभी सोचता है—
“काश वो वापस आ जाए…”
फिर खुद ही चुप हो जाता है।
क्योंकि अब उसे समझ आ चुका था कि
किसी को दिल से चाहना और किसी का तुम्हारा हो जाना…
दो अलग बातें हैं।
और आज वो अपने भाइयों को गलत नहीं मानता।
शायद उन्होंने उस लड़की में कुछ ऐसा देखा था,
जो प्यार में अंधा हुआ वो लड़का नहीं देख पाया।
आज भी उसके मन में एक बात रहती है—
“मेरे भाइयों ने शायद मेरा प्यार मुझसे छीना था…
लेकिन शायद उन्होंने मुझे उस दर्द से बचाने की कोशिश की थी,
जिस दर्द से मैं आज गुजर रहा हूँ।”
बस फर्क इतना है…
उस वक्त उसे भाइयों की डांट बुरी लगी थी,
और आज वही डांट याद करके उसकी आँखें भर आती हैं।
क्योंकि अब वो समझता है—
हर वो इंसान जो हमें किसी से दूर करता है,
हमारा दुश्मन नहीं होता।
कुछ लोग हमें उस इंसान से दूर करते हैं,
जिसे हम अपनी पूरी दुनिया समझ बैठे होते हैं।
और शायद सबसे बड़ा दर्द यही है…
जिसे हम पूरी जिंदगी अपना समझते रहे,
वो हमें कुछ महीनों में भूल गया…
और हम आज भी उसे याद करके मुस्कुरा भी नहीं पाते।
कुछ मोहब्बतें पूरी नहीं होतीं…
बस इंसान को अंदर से बदलकर चली जाती हैं। ❤️🩹
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