पार्ट 3 B – प्यार, सेक्स और मेरा अधूरा रिश्ता
Anonymous
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उसके साथ मेरा रिश्ता काफी समय तक चला था। हम साथ घूमते थे, बातें करते थे और एक-दूसरे के साथ काफी समय बिताते थे। धीरे-धीरे मेरे मन में ये भी आने लगा था कि यार, अब रिलेशनशिप को काफी समय हो चुका है, तो क्यों न अपनी जिंदगी को थोड़ा एन्जॉय किया जाए।
मेरे मन में सेक्स को लेकर भी इच्छाएं थीं। उसने मुझे करीब आने के मौके भी काफी दिए थे। लेकिन मेरे लिए वो सिर्फ फिजिकल होने की बात नहीं थी। मैं उससे प्यार करता था और उसके साथ हर चीज को एक खूबसूरत एहसास की तरह जीना चाहता था।
मैंने कभी नहीं सोचा था कि जिस लड़की के साथ मैं अपनी जिंदगी के इतने सपने देख रहा हूं, वही एक दिन मुझे इस तरह छोड़ देगी।
बाद में जब मुझे उसकी दूसरी लड़कों के साथ नजदीकियों के बारे में पता चला, तो बहुत बुरा लगा।
तब समझ आया कि मैं जिसे सच्चा प्यार समझकर अपनी जिंदगी दे रहा था, शायद उसके लिए वो रिश्ता उतना मायने ही नहीं रखता था।
मैं उसके साथ प्यार में था, लेकिन आखिर में प्यार के नाम पर मेरा ही कट गया।"प्यार में दिल जरूर लगाना, लेकिन जिंदगी को एन्जॉय करना भी मत भूलना। बस सहमति और इज्जत हमेशा जरूरी है।" 😄
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